Culture

सुपरमेसी की लड़ाई में दशहरा के दौरान नज़रबंद रहते हैं कुल्लू के दो देवता

सुपरमेसी यानि प्रभुत्व. अक्सर इंसानों के बीच प्रभुत्व की लड़ाई चलती रहती है. कोई भी क्षेत्र हो इंसान खुद को दूसरों से आगे देखना चाहता है. इस प्रभुत्व की लड़ाई में हमारे देवता भी पीछे नहीं है. देवभूमि हिमाचल में हज़ारों देवी-देवता हैं. इन देवताओं का आपस में एक अनुक्रम स्थापित होता है. और देवताओं […]

Culture News

कुल्लू दशहरा में 4000 महिलाओं ने नाटी डालकर दिया पोषण और स्वच्छता का सन्देश

कुल्लू दशहरा के दौरान शनिवार को कुल्लू के ढालपुर के रथ मैदान में पारम्परिक वेशभूषा में सुसज्जित 4000 महिलाओं ने एक साथ नाटी डाली. इस साल की दशहरा की इस महानाटी की थीम स्वच्छता और पोषण पर आधारित थी. स्वच्छता और पोषण का सन्देश देने के लिए ये महिलाएं कुल्लू की पारम्परिक वेशभूषा में सुसज्जित […]

Culture

क्यों कहा जाता है हिमाचल को देवभूमि?

‘देवभूमि’ यानि देवो की भूमि। देवभूमि के नाम से विख्यात है भारत के दो राज्य, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड। दोनों ही पहाड़ी राज्य हैं। भौगोलिक, सांस्कृतिक रूप से, भाषा बोली, खान पान में दोनों में बहुत समानताएं हैं। इसी तरह दोनों ही राज्यों में समानता और है, वो है दैवीय संस्कृति की। इसी संस्कृति के […]

टांकरी वर्णमाला
Culture Himachal

हमारी भूली बिसरी पहाड़ी भाषा की लिपि टांकरी

टांकरी लिपि, पहाड़ी भाषा समेत उत्तर भारत की कई भाषाओँ को लिखने के लिए प्रयोग की जाने वाली लिपि। एक ज़माने में कुल्लू से लेकर रावलपिंडी तक हर तरह के पढने लिखने का काम टांकरी लिपि में ही किया जाता था। आज भी पुराने राजस्व रिकॉर्ड, पुराने मंदिर की घंटियों या पुराने किसी बर्तन में […]

Culture Himachal

आखिर क्यों रूठे हुए हैं चौहार घाटी के दो देवता

मंडी जिले की चौहार घाटी में बहुत से देवी देवता हैं। उनमें से तीन मुख्य देवता हैं; इलाका हस्तपुर के देव हुरंग नारायण, अमरगढ़ के देव घड़ौनी नारायण और देव पशाकोट।  कहा जाता है कि ये तीनों देवता भाई हैं। देव श्री हुरंग नारायण को बड़ा देव भी कहा जाता है। देव श्री घड़ौनी नारायण […]

Culture Life-style

क्यों मनाया जाता है कुल्लू में दशहरा?

पुरे भारत में जब दशमी के दिन रावण दहन के साथ दशहरे का समापन होता है वहीँ हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के ढालपुर मैदान में दशहरा उत्सव शुरू होता है. कुल्लू का दशहरा सात दिन तक चलने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय उत्सव है. सात दिन तक मेला चलता है, लाखों की संख्या में लोग आते हैं, […]