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भांग की खेती को वैध करने की तैयारी में प्रदेश सरकार, बनाई जा रही है नीति

हिमाचल प्रदेश सरकार भांग की खेती को कानूनन मंज़ूरी देने की तैयारी में है। जीवन रक्षक दवाओं में इस्तेमाल के लिए भांग की खेती को क़ानूनी मंजरी दी जा रही है, जिसके लिए कर एवं आबकारी महकमा नीति तैयार करने में जुट गया है। पिछले साल उत्तराखंड द्वारा भांग की खेती को वैध करने के बाद हिमाचल भी यह कदम उठाने जा रहा है।

हिमाचल भांग की अवैध खेती और नशे के रूप में इस्तेमाल के लिए पहले से काफी चर्चा में रहता है। आये दिन कोई न कोई भांग तस्करी करते हुए पकड़ा जाता है। साथ ही यहाँ की युवा पीढ़ी भी भांग के नशे की चपेट में फंसती जा रही है. इन कारणों से भांग की खेती को वैध करने के बारे में प्रदेश के लोगों के मत बहुत ही विरोधात्मक हैं। कुछ लोगों का मानना है की भांग की खेती को वैध करने से नियंत्रण हो सकता है जबकि दूसरे लोगों का मानना है की इससे भांग का अवैध कारोबार और फलेगा फूलेगा।

फ़िलहाल प्रदेश सरकार भांग की खेती को नियंत्रित रूप से कुछ दवाइयों और दूसरे उत्पादों के लिए करने के लिए नीति बना रही है। सूत्रों के अनुसार यह नीति विधि वहीभाग के पास विचाराधीन है और उम्मीद है कि उपचुनावों के बाद इसे मंत्रिमंडल कि बैठक में पेश किया जायेगा जिसके बाद यह कानूनी रूप से लागु कि जाएगी।

नवम्बर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के लिए निमंत्रण के दौरान देश विदेश के निवेशकों ने हिमाचल में पैदा होने वाली भांग कि गुणवत्ता के बारे में मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर के साथ चर्चा की थी। इस दौरान उन्होंने ने भांग का कैंसर की दवाओं में इस्तेमाल होने की बात कही. निवेशकों की इन्ही दलीलों के बाद सरकार ने भांग की खेती को क़ानूनी रूप देने पर विचार शुरू किया था।
पिछले साल उत्तराखंड ने भी भांग की खेती को वैध घोषित किया था। इसी तर्ज पर हिमाचल सरकार भी भांग की खेती को अपने नियंत्रण में करवाना चाहती है जिससे इसका उपयोग दवाइयों और लगभग 70 दूसरे उत्पादों में किया जायेगा।

माना जा रहा है कि नवम्बर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर मीट से पहले इसे मंत्रिमंडल बैठक में पेश किया जायेगा जहाँ मंत्रिमंडल कि चर्चा के बाद इस पर आखिरी फैसला लिया जायेगा।
इस नीति के लागु होने के बाद भांग की अवैध खेती और नशे के तौर पर होने वाले अवैध कारोबार पर इसका क्या असर पड़ेगा ये तो समय ही बातयेगा. फ़िलहाल आप इस फैसले के बारे में क्या सोचते हैं आप कमेंट करके हमें बता सकते हैं.

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