Assembly Election 2017

शिमला में कल विधायक दल की बैठक, मुख्यमंत्री के नाम का फैसला कल तक के लिए टला

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के नतीजे निकले पांच दिन हो गए हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी अभी तक अपने मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं कर पायी है. इस बार के चुनाव में अपनी तरह से कुछ हटके थे.

प्रदेश की जनता ने भाजपा को दो तिहाई बहुमत तो दे दिया लेकिन मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को हरा दिया. इसके बाद अभी तक जो घटनाक्रम हुए वो भी बहुत नाटकीय है. धूमल की हार के बाद मंडी के सराज के विधयक जय राम ठाकुर मुख्य उम्मीदवार के रूप में उभरे मुख्यमंत्री पद के लिए. मंडी जिला और मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा को मिली अप्रत्याशित बढ़त ने जय राम के दावे को और मजबूती प्रदान की. वहीँ वरिष्ठ नेता शांता कुमार ने भी किसी सांसद या हारे हुए उम्मीदवार की जगह जीते हुए विधायकों में से किसी को मुख्यमंत्री बनाने की पैरवी की. संघ का समर्थन भी काफी हद तक जय राम ठाकुर के लिए ही रहा.

पार्टी ने निर्मला सीतारमण और नरिंदर सिंह तोमर को विधायकों की राय जानने के लिए शिमला भेजा. यहाँ तक सब ठीक रहा लेकिन पर्यवेक्षकों के साथ चल रही मीटिंग के दौरान धूमल समर्थकों ने धूमल को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नारेबाजी शुरू कर दी. इसके बाद जय राम के समर्थकों ने भी अपने नेता के लिए आवाज़ उठायी.

इस वाकये के बाद पर्यवेक्षक भी बिना किसी निर्णय के दिल्ली चले गए. पहले कहा गया था कि मुख्यमंत्री का फैसला शुक्रवार शाम तक हो जायेगा लेकिन अभी फ़िलहाल यह फैसला रविवार तक टाल दिया गया है.

अब रविवार को दोपहर 12:30 बजे शिमला में विधायक दल की बैठक रखी गयी है, जिसमे पर्यबेक्षक निर्मला सीतारमण, नरिंदर सिंह तोमर और हिमाचल प्रभारी मंगल पण्डे उपस्थित रहेंगे. उम्मीद है कि इस मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री के नाम का निर्णय ले लिया जायेगा.

सूत्रों के अनुसार पिछली मीटिंग के बाद जय राम ठाकुर का नाम पक्का हो गया था लेकिन धूमल समर्थकों के प्रदर्शन के बाद मामला थोड़ा पेचीदा हो गया था. इसके बाद अटकलें ऐसी भी लगाई जा रही थी कि इस स्थिति में विधायकों के बीच सामंजस्य बिठाने के लिए किसी बड़े नेता को मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जा सकती है. ऐसे में एक बार फिर केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा का नाम सामने आया. अब अंतिम निर्णय क्या होगा कल दोपहर बाद ही पता चलेगा.

वहीँ आज प्रेम कुमार धूमल ने भी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह कि जैसा कि मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम की अटकलें लग रही हैं लेकिन वो मुख्यमंत्री पद कि दौड़ में शामिल नहीं है. मुख्यमंत्री कौन होगा इसका फैसला हाई कमान करेगा.

धूमल कि सफाई के बाद जय राम के नाम पर सहमति बनने कि उम्मीद है..

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